Mayur Sir

Poem 4 The Winner in Hindi

Poem 4

The Winner

                                                Georgia Heard

Evenings,

we play ball

next to the creek

in our neighbour’s field.

We run so fast

I can’t even

catch my breath.

When blue dark turns to black,

cold grass aches our feet,

trees creep close-game’s over.

Night wins!


शाम को हम अपने पड़ोसी के खेत में नाले के किनारे गेंद खेलते हैं।

हम इतनी तेज़ दौड़ते हैं कि मेरी साँस भी नहीं फूलती।

जब नीला अंधेरा काले में बदल जाता है, ठंडी घास हमारे पैरों को दर्द देती है, पेड़ पास आते जाते हैं – खेल खत्म। रात की जीत!



Summary of Poem“The Winner” in Hindi

जैसे ही शाम हुई, कवयित्री और उसकी सहेलियाँ उसके पड़ोसी के खेत में एक छोटी नदी के किनारे मिलीं। वे घास पर दौड़ते हुए रंगीन गेंद से खेलते थे। हर बार जब कवयित्री दौड़ती थी, तो वह उत्साहित और बेदम महसूस करती थी और खेल का आनंद लेती थी।

जब सूरज डूबा तो परिवेश बदल गया; परछाइयाँ लंबी और गहरी हो गईं, जिससे सब कुछ ढक गया। घास, जो पहले गर्म थी, अब उनके नंगे पैरों के नीचे ठंडी और कांटेदार महसूस हो रही थी, जिससे वे कांप रहे थे। पास में ऊँचे-ऊँचे पेड़ खड़े थे, अँधेरे में उनकी आकृतियाँ अधिक दिखाई दे रही थीं, जो उन्हें अँधेरे और अपने आस-पास के बदलावों की याद दिला रही थीं।

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